An International Peer Reviewed Referred Quarterly Research Journal of Literature

अंक : 26, 27, 28, सितम्बर -दिसम्बर – 2023 , मार्च – 2024 (संयुक्तांक)

साहित्य वीथिका के प्रत्येक अंक में कुछ न कुछ नया होता है।इसलिए समकालीन परिदृश्य किसी भी रचना या पत्रिका में होता ही है। डॉ. सतीन देसाई ‘परवेज़ दीप्तिगुरु द्वारा अनुदित शैलेष पंड्या ‘भीनाश’ की ग़ज़लें कहीं न कहीं तमाम विसंगतियों को उभारती हैं। डॉ० सतीन देसाई परवेज, त्रिलोक मेहता, डॉ. अंकुर देसाई, डॉ. मीनाक्षी जानी, सतीश भोये, डॉ० राजेन्द्र परमार, डॉ० केशुभाई देसाई, डॉ. सुरेश पटेल, डॉ. गिरीश रोहित, डॉ. मोहन लाल जाट के लेखों से समसामयिक हिन्दी की रचनाशीलता का पता चलता है। गुजराती या हिन्दी या किसी भाषा में समसामयिकता का समावेश जाने-अनजाने आता ही है। साहित्य वीथिका का संपादकत्व कहीं न कहीं प्रतिष्ठित लेखकों या आलोचकों से ही रचनाएँ एवं आलोचनाएँ मंगवाता ही है। यह बात अलग है कि हिन्दी प्रदेश के सम्पादक या सहृदय साहित्य वीथिका का आकलन उत्तर आधुनिक युग में अपनी अपनी दृष्टि से करते हैं। टीका-टिप्पणियों के युग में कहीं न कहीं रचनाशीलता का स्रोत भी निकलता है। प्रनामी साहित्य का भारतीय भाषाओं में लिखे गए साहित्य का विहंगावलोकन कहीं न कहीं साहित्य वीथिका में होता है। इसलिए सामाजिक, सांस्कृतिक, भाषिक विरासत के वैविध्य को साहित्य वीथिका के इस अंक में भी देख या पढ़ सकेंगे। हिंदी साहित्य के जगत में प्रखर आलोचक चौथीराम यादव तथा लेखिका मालती जोशी को भी साहित्य वीथिका परिवार भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। देश की रक्षा या चुनावी कार्य के दरम्यान वीरगति प्राप्त जवानों को भी साहित्य वीथिका परिवार श्रद्धांजलि अर्पित करता है। – डॉ. दिलीप मेहरा (संपादक)

लेखकों से…

‘शोघलेख’ के साथ-साथ अपना कार्यालयी एवं आवासीय पूरा पता पिनकोड सहित अपने दूरभाष तथा सचलभाष का क्रमांक अवश्य लिखने का कष्ट करें ताकि तुरन्त ही प्राप्ति / स्वीकृति / अस्वीकृति की सूचना दी जा सके। अपने लेख के साथ रंगीन पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ अवश्य भेजें। विशेषांक के सम्बन्ध में अग्रिम जानकारी दी जायेगी।
 
शोधलेख के संशोधन का अधिकार सम्पादक का होगा। शोधलेख के साथ प्रमाणपत्र अवश्य भेजें कि, ‘यह मेरा मौलिक एवं सर्वथा अप्रकाशित शोधलेख है। इसके तथ्यों की प्रामाणिकता एवं सन्दर्भ समीचीन है।’ लेखकों एवं पाठकों को अंक कैसा लगा? इस सम्बन्ध में अपने विचार अवश्य भेजें, जिस से हमारी त्रुटियों की जानकारी मिलेगी और भावी योजना बनाने में हमें सहायता मिलेगी। सदस्यता शुल्क, सहयोग राशि, संरक्षक राशि एवं प्रकाशनार्थ सारी सामग्री व्यवस्थापकीय पते पर भेजें। आपका शोधलेख रिसर्च कमिटी में चयन होने के बाद प्रकाशित होगा। आपके द्वारा भेजे गए आलेख को लौटाया नहीं जायेगा, इसलिए आप अपने पास आलेख की फोटोकॉपी जरूर रखें। लेखकों से नम्र निवेदन है कि अपना शोधलेख पाँच पृष्ठों से ज्यादा न लिखें। शोघलेख पी.डी.एफ. एवं माइक्रोसॉफ्टवर्ड दोनों प्रकार की फाइलों में करके अवश्य भेजें। आपके आलेख कृतिदेव-10, यूनिकोड में 1500 से 2000 शब्दों में ही टाईप करके भेजें अन्यथा उस पर विचार नहीं किया जायेगा।

सदस्यता के लिए…

सदस्यता शुल्क चेक/डी.डी. से भेज सकते हैं या साहित्य वीथिका खाता संख्या- 291520110000087 (IFSC Code: BKID00002915) (बैंक ऑफ इंडिया), वल्लभ विद्यानगर, आणंद, गुजरात में राशि जमा करके फोन या ई-मेल से कार्यालय में सूचित करें।

सदस्यता शुल्क :
वार्षिक – 500 रूपये
पंचवर्षीय – 2000 रूपये
आजीवन – 7500 रूपये
संस्थाओं के लिए सदस्यता शुल्क :
वार्षिक – 600 रूपये
पंचवर्षीय – 3000 रूपये
आजीवन – 10000 रूपये
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